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विधायक प्राथमिकता बैठक में सत्ती का सरकार पर प्रहार: निधि, DPR और भुगतानों पर उठाए सवाल

➤ ऊना, हमीरपुर, सिरमौर के विधायकों की मौजूदगी में उठे वित्तीय मुद्दे

➤ विधायक क्षेत्र विकास निधि, ऐच्छिक निधि और DPR प्रक्रिया पर सवाल

➤ भुगतानों में देरी से ठेकेदारों द्वारा भवन हस्तांतरण रोके जाने का दावा


राज्य सचिवालय शिमला में आयोजित विधायक प्राथमिकता बैठक के पहले दिन, पहले चरण में ऊना, हमीरपुर और सिरमौर के विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं सरकार के समक्ष रखीं। बैठक के दौरान शामिल हुए ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

सत्ती ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण वित्तीय संकट की स्थिति बनी हुई है, जिसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। उनका आरोप था कि विपक्ष के विधायकों की मांगों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा, जिससे कई विकास कार्य अटके हुए हैं।

उन्होंने बैठक में यह मुद्दा भी उठाया कि विधायकों की प्राथमिकता वाले कार्यों की DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) सही तरीके से तैयार नहीं की जा रही। साथ ही, पहली बार विधायक क्षेत्र विकास निधि बंद कर दी गई है और एक वर्ष में केवल दो किस्तें ही जारी हुई हैं। विधायक ऐच्छिक निधि भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही, जिससे जमीनी स्तर पर काम प्रभावित हो रहे हैं।

सत्ती ने दावा किया कि भुगतानों में देरी के कारण कई ठेकेदारों ने तैयार भवनों को सरकार को सौंपने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में आ रही बाधाओं का मुद्दा अन्य विधायकों ने भी बैठक में उठाया। इन सभी बिंदुओं को उन्होंने औपचारिक रूप से बैठक में रखा है।